बात उन दिनों की है जब मैं कक्षा 6वी मे पढ़ता था। मैं इस स्कूल मे इसी साल पढ़ने आया था। 6वी से मेरा एडमिशन हुआ इस स्कूल मे। मेरे लिए यह स्कूल एक दम नया था क्योंकि मैं इससे पहले प्राइमरी स्कूल मे पढ़ता था। इस स्कूल मे आने के बाद बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि यह स्कूल विद्या मंदिर वाला स्कूल था।
स्कूल मे बहुत सारे बच्चो का एडमिशन हुआ । मेरी क्लास मे भी एडमिशन हो गया बहुत सारे बच्चो का सब बच्चे खुस थे इस स्कूल मे आकर । पढ़ाई स्टार्ट हो गयी सारे बच्चे पढ़ने लगे । ऐसे ही रोज चलता रहा। हमारे क्लास टीचर ने मेरे को क्लास मॉनिटर बना दिया । मैं बहुत ज्यादा खुश था क्योंकि इससे पहले मैं कभी भी क्लास मॉनिटर नही बना था।
मैं भी अपनी जिम्मेदारी अच्छे से निभा रहा था जो भी बच्चा बाते करता था फिजूल की तो मैं उसका नाम लिख कर सर को दे देता था और फिर सर उसकी धुनाई करते थे। एक दिन हमारे क्लास टीचर स्कूल नही आये थे शायद उनकी तबीयत खराब थी। सारे बच्चे बहुत ज्यादा हल्ला गुल्ला करने लगे।
मैंने उनको बहुत बार चुप कराया लेकिन कोई भी चुप नही हो रहा था। मेरे को बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था लेकिन मैं चुप ही रहा। जब बच्चे बहुत ज्यादा हल्ला गुल्ला करने लग गए तभी एक टीचर की हमारे क्लास मैं एंट्री हुई जो बहुत ही ज्यादा गुस्से मे थे। उन्होंने कहा इतना ज्यादा हल्ला क्यों कर रहे हो चुप चाप पढ़ क्यों नही रहे हो।
किसी ने कुछ भी नही बोला। सर ने मेरे से कहा अगर अब कोई भी बोलेगा तो उसका नाम ब्लैक बोर्ड मे लिख देना मैं आकर इनको बताऊंगा। मैंने कहा ठीक है सर।
सर बोलकर चले गए और मैं नाम लिखने लगा जो बच्चे बोल रहे थे।लेकिन आवाज फिर भी बहुत ज्यादा कर रहे थे दो बच्चे मैने उनका नाम लिख दिया। इतने मे सर दोबारा से आ गए । इस बार पहले से भी ज्यादा गुस्से में थे।
वो आये क्लास मैं और जिनका नाम लिखा था उनको बुलाया वो दोनों बच्चे आये और दोनों को सर ने मुर्गा बनने को कहा। दोनो मुर्गा बन गए। और सर बाहर जाकर एक डंडा ले आये और दोनो को कहा कुकरू कु बोलो। दोनो में से कोई भी कुकरू कु नही बोल रहा था। सर ने दोनों के बम पर एक एक डंडा जोर से मारा । दोनो बच्चों ने कुकरू कु बोलना स्टार्ट कर दिया। वो सर को सॉरी बोल रहे थे लेकिन सर उनको दनादन डन्डे बरसा रहे थे।
थोड़ी देर बाद सर ने उनको पीटना छोड़ दिया। और कहा आज के बाद अगर फिर बोला तो इससे भी बुरा मारूँगा।
यह कहने के बाद सर चले गए । तबसे किसी भी बच्चे ने नही बोला और मैं मजे से आराम से बैठा रहा।
Friends kesi lagi meri story achi lgi ho to please blog ko daily padhna thank you.





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